ये हैं हस्तमैथुन से जुड़े भ्रम, जिसे अब तक आप मानते आएं हैं सच

भ्रम- हस्तमैथुन से कमजोरी आती है।
सत्य- हकीकत में इस सवाल का कोई औचित्य ही नहीं है क्योंकि सर्वप्रथम तो यह जान लें कि अधिक हस्तमैथुन जैसी कोई चीज होती ही नहीं है। यह एक सामान्य क्रिया है। हस्तमैथुन कब और कितनी बार करना चाहिए, इसका कोई नियम या कायदा नहीं है। जब व्यक्ति का मन हो और शरीर साथ दे, हस्तमैथुन या सहवास किया जा सकता है। इसका शरीर या गुप्तांगों पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं होता है।



भ्रम- प्राइवेट पार्ट हो जाता है टेढ़ा।
सत्य- ऐसा भी भ्रम है कि हस्तमैथुन से लिंग में टेढ़ापन आ जाता है, लेकिन लिंग में न तो हड्डियां होती हैं और न ही मांसपेशियां अत: लिंग में टेढ़ापन, तिरछापन अथवा ऊपर या नीचे की ओर झुकाव संभव नहीं है। हस्तमैथुन से ऐसा होने की बात भी भ्रामक प्रचार व नीम-हकीमों का डराने वाला हथियार है। आगे पढ़े …

Related Post